उत्पादों का मूल्य संवर्धन करता है GI टैग: वाणिज्य मंत्रालय के परीक्षक जैदी

लोहाघाट के राजकीय पीजी कॉलेज में जी GI टैग पर दो दिनी राष्ट्रीय सेमिनार संपन्न
सेमिनार में ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में कुल 86 शोधपत्रों का वाचन हुआ
देवभूमि टुडे
चंपावत/ लोहाघाट। लोहाघाट के स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार संपन्न हुआ। सेमिनार में विशेषज्ञों ने GI (Geographical Indication) टैग पर आधारित विभिन्न शोध पत्रों को प्रस्तुत करते हुए उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्या प्रोफेसर संगीता गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
आज 25 मार्च को दूसरे दिन मुख्य वक्ता भारत सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के परीक्षक यासिर अब्बास जैदी ने GI के महत्व पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। कहा कि GI टैग उत्पादों के मूल्य संवर्धन के साथ बाजार की संभावनाओं को बढ़ाता है। संचालन डॉ. सोनाली कार्तिक ने किया। कार्यक्रम के अंत में सेमिनार के आयोजक डॉ. बीपी ओली ने सभी शोधपत्रों के सार को प्रस्तुत करते हुए इस सेमिनार के वैशिष्ट्य को व्यक्त किया। आर्गेनाइजिंग सचिव डॉ. अर्चना त्रिपाठी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी आगंतुकों का धन्यवाद किया। सेमिनार में ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में कुल 86 शोधपत्रों का वाचन हुआ। गुरुकुल कांगड़ी के प्रोफेसर मयंक अग्रवाल, प्रह्लाद अधिकारी, नई दिल्ली से प्रेम सिंह बिष्ट, रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली से सूरज शर्मा, गैरसैंण से प्रतिभा नेगी, बेरीनाग से कल्पना, देवीधुरा से पूजा लोहिया, चंपावत से पूनम व रीता पांडेय सहित अनेक शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर डॉ. लता कैडा, डॉ. अपराजिता, डॉ. कमलेश शक्टा, डॉ. रुचिर जोशी, डॉ. महेश त्रिपाठी, डॉ. रवि सनवाल, डॉ. भगत लोहिया, डॉ. नीरज कांडपाल, डॉ. दीपक जोशी, डॉ. वंदना चंद, चंद्रा जोशी सहित अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

error: Content is protected !!