


23 मार्च से आमरण अनशन पर हैं चार किसान प्रतिनिधि
दुबड़ सहकारी समिति की गड़बडिय़ों, किसानों के बीमा और बकाएदारी हटाने की मांग को लेकर 4 मार्च से आंदोलन कर रहे किसान
देवभूमि टुडे
चंपावत। दुबड़ सहकारी समिति की गड़बडिय़ों, किसानों के बीमा और बकाएदारी हटाने की मांग को लेकर 4 मार्च से जारी आंदोलन थम नहीं रहा है। आज 28 मार्च को तहसीलदार ईश्वर सिंह भीमा ने आंदोलनकारियों से फिर वार्ता की, लेकिन गतिरोध टूट नहीं। छठें दिन भी चार किसान प्रतिनिधियों का आमरण अनशन पर बैठे।
23 मार्च से आमरण अनशन कर रहे हयात सिंह बोहरा, त्रिलोचन सकलानी, जयराम और घनश्याम भट्ट की सेहत अभी नाजुक नहीं है, अलबत्ता स्वास्थ्य में मामूली रूप से गिरावट आई है। आंदोलन स्थल में डॉ. गुरुशरण कोर के नेतृत्व में कविता नाथ, पुष्पा मिश्रा ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। धरना स्थल में हुई सभा में उत्तराखंड किसान संगठन के संयोजक पंडित नरेंद्र उत्तराखंडी उर्फ हरीश शर्मा ने किसानों की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया। धरना देने वालों में केशव दत्त भट्ट, त्रिभुवन सकलानी, खष्टी बल्लभ सकलानी, हरीश सकलानी, घनश्याम सकलानी, खुशाल सिंह बोहरा आदि शामिल थे।


