


जुर्माना अदा नहीं करने पर 1 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतान होगा, वर्ष 2019 के मामले में चंपावत जिला अदालत का फैसला
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत में विशेष सत्र न्यायालय ने POCSO एक्ट के एक मामले में आरोपी को गुनाहगार पाया है। दोषी व्यक्ति को 20 साल का कठोर कारावास और 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर 1 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतान होगा।
विशेष सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने 5 साल पुराने POCSO एक्ट और IPC की धारा 363 के मामले में दोषी राकेश महर उर्फ महरा को सजा सुनाई है। POCSO एक्ट में दोषी को 20 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना लगाया है। जबकि IPC की धारा 363 के तहत 3 वर्ष के कारावास और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को धारा 363 के तहत 3 माह और धारा 376 (3) के तहत 1 साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं अदालत ने दोषी को IPC की धारा 366 (ए) और धारा 3 (2) (5) SC-ST अधिनियम में दोषमुक्त किया है।
वर्ष 2019 में पीड़ित के भाई ने चंपावत कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उसकी 16 वर्षीय बहन को अभियुक्त राकेश एक माह से फोन कर उसे शादी करने के लिए बहला फुसला रहा था। अप्रैल 2019 की रात वह शादी का झांसा देकर बहन को अपने साथ ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। अगली सुबह वह बहन को घर छोड़ गया। इसके बाद बहन ने सारी बातें बताई, तो वह अभियुक्त के पास गया और बहन से शादी करने की बात कही तो उसने नीच जाति का कहकर शादी नहीं करने की बात कही। इसके बाद भाई ने अभियुक्त के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज कराया।


