


टनकपुर सीएम कैंप कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
मालदारी प्रथा से उत्तराखंड वन निगम में सेवा दे रहे आउटसोर्स के 1200 कर्मियों की रोजी-रोटी पर होगा खतरा
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। उत्तराखंड वन विकास निगम के आउटसोर्स कर्मियों ने निगम के कार्यों को मालदारी प्रथा के अंतर्गत कराए जाने का विरोध किया है। कर्मियों ने 3 अप्रैल को सीएम कैंप कार्यालय के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज इस प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की गई है। कहा कि मालदारी प्रथा से आउटसोर्स कर्मियों की रोजी-रोटी पर संकट हो जाएगा।
कर्मियों का कहना है कि वर्तमान में निगम में आउटसोर्स के 1200 कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। जबकि जरूरत 1800 कर्मियों की और है। इसे देखते हुए पूर्व में निगम ने आउटसोर्स के एक हजार कर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव भी पास किया था। ज्ञापन में कर्मियों ने वन निगम के कामकाज के संचालन के लिए 1800 कर्मियों को आउटसोर्स से निगम मे लिये जाने की मांग की गई है। कहा गया कि वन निगम के तत्कालीन अध्यक्ष दिवंगत कैलाश चंद्र गहतोड़ी की अध्यक्षता में पिछले साल 18 जनवरी को हुई बैठक में आउटसोर्स कर्मियों को 5 साल में नियोजित स्वीकृत किए जाने के संबंध में निर्णय भी हुआ था।
ज्ञापन में सौरभ भट्ट, जयदीप, अंकित, नवीन मेहरा, विक्रम कोरंगा, दीपक बिष्ट, भुवन लोहनी, कमल मठपाल, अनीता चौहान, ललित बोहरा, प्रकाश बिष्ट, अभिषेक गहतोड़ी, अर्जुन कुमार, संदीप चंद, राहुल बिष्ट, दीपक जोशी, पंकज आर्या, गरिमा भट्ट, मनोज कुमार, मंगल सिंह, अभिषेक कोहली, योगेश चंद्र, किशोर, विपिन पांडे, महेश पाल, तनुजा बोहरा, कमल जोशी, सुमित कुमार, वीरेंद्र चंद, सौरभ त्रिवाड़ी, शुभम खर्कवाल आदि के हस्ताक्षर हैं।



