


21 मार्च को पार्किंग ठेकेदार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के बावजूद नहीं थमी लूट
15 मार्च को मेला शुरू होने के साथ ही पार्किंग में धांधली के लगते रहे आरोप मेला प्रशासन के दावे हो रहे हवाई, श्रद्धालु लगा रहे आरोप
देवभूमि टुडे
चंपावत/पूर्णागिरि धाम। एक कार सवार श्रद्धालु को बूम में 100 रुपये की पार्किंग की पर्ची दी गई। फिर ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर जा रहे श्रद्धालु से 200 रुपये की पर्ची और काट ली। साथ ही पहले दी 100 रुपये की पर्ची ठेकेदार के लोगों ने अपने पास रख ली। ये आरोप 29 मार्च को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के एक श्रद्धालु ने लगाए हैं। लेकिन ऐसे मामलों पर मेला प्रशासन अमूमन उदासीन है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्रद्धालुओं पर भार कम पड़े, इसके लिए बाल मुंडन का शुल्क पिछले वर्ष के 351 रुपये के स्थान पर 101 रुपये किया गया है। लेकिन पार्किंग शुल्क पर अनुमन्य दर से अधिक वसूली के आरोप लग रहे हैं।
15 मार्च से शुरू पूर्णागिरि धाम के सरकारी मेले में श्रद्धालुओं के लिए तीन जगह (बूम, ठुलीगाड़ और भैरव मंदिर) पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। बूम में कार-जीप व छोटे वाहनों से 50, बड़े वाहनों से 150 और दोपहिया वाहनों से 30 रुपये पार्किंग शुल्क है। इसी तरह ठुलीगाड़ में छोटे वाहनों से 100 व दोपहिया वाहन से 60 और भैरव मंदिर में कार-जीप से 200 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जाना है।
लेकिन आरोप है कि पार्किंग शुल्क के रूप में वसूली इससे कहीं ज्यादा हैं। 15 मार्च से शुरू मेले के साथ ही पार्किंग शुल्क में लूट के आरोप भी लगने लगे थे। इसे लेकर कई यात्रियों से स्थानीय लोगोंं तक ने आपत्ति की थी और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया था। 21 मार्च को खुद मेला प्रशासन ने कई मामलों में पार्किंग शुल्क में ओवर रेटिंग का मामला पकड़ते हुए अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर ठेकेदार सरस्वती देवी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माना लगाए जाने के बावजूद पार्किंग शुल्क में धांधली थम नहीं रही है। ऐसे में कल 30 मार्च से नवरात्र शुरू होने के साथ ही नियमों को ताख पर रख लूट का अंदेशा बढ़ गया है। वहीं मेले के नोडल अधिकारी तेज सिंह का मोबाइल नंबर रेंज से बाहर होने से मेला प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई का पता नहीं चल सका है।



