बहेड़ी के चरस तस्करी के दोषी मां-बेटे को 7-7 साल की कैद

दोनों आरोपितों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
जुर्माना नहीं देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी
आरोपितों से वर्ष 2019 में बरामद हुई थी 1.50 किलो चरस
देवभूमि टुडे
चंपावत। चरस तस्करी के दोषी मां-बेटे को सात-सात कैद की सजा सुनाई है। दोनों आरोपितों पर 50 हजार-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा होगी। बहेड़ी निवासी आरोपियों से वर्ष 2019 में 1.50 किलो से अधिक चरस बरामद की गई थी।
जानकारी के अनुसार चंपावत कोतवाली पुलिस नवंबर 2019 में ललुवापानी-बनलेख के बीच रूटीन चेकिंग में पुलिस ने वहां से गुजर रहे मां-बेटे रेशमा (45) और जावेद (23) निवासी ग्राम शाहपुरडंडी इस्लामनगर, थाना देवरिया, तहसील बहेड़ी की तलाशी ली। रेशमा के पास से 830 ग्राम और जावेद के पास से 750 ग्राम चरस बरामद की गई। दोनों के खिलाफ कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने दोनों को सजा सुनाई। दोनों आरोपियों की जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। आरोपित जावेद वर्तमान में किसी दूसरे मामले में बरेली जेल में बंद है। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पैरवी की।

प्रतिकात्मक फोटो।
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