कुट्टू के आटे की बिक्री में ना हो FSSAI के मानकों की अनदेखी…खाद्य सुरक्षा विभाग की हिदायत

टनकपुर और चंपावत में खाद्य सुरक्षा विभाग ने चलाया अभियान
विकासनगर के वाकये के बाद एहतियाती कदम उठा रहा है खाद्य सुरक्षा विभाग
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। कुट्टू का आटा खाने से देहरादून के विकासनगर में 100 लोगों की तबीयत बिगड़ने के एक दिन बाद चंपावत जिले में भी एहतियाती उपाय किए गए। इसे लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिला मुख्यालय और मैदानी क्षेत्र टनकपुर में व्यापारियों को आटे की शुद्धता को लेकर निर्देश दिए। कुट्टू के पौधे के बीज को पीसकर ये आटा तैयार किया जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से उपवास के दौरान किया जाता है।
चंपावत के जिला अभिहीत (खाद्य सुरक्षा) अधिकारी अनिल मिश्रा ने 1 अप्रैल को पुलिस की टीम के साथ टनकपुर में किराना की दुकानों का निरीक्षण किया। अधिकांश दुकानों में कुट्टू का आटा उपलब्ध नहीं था। अभिहीत अधिकारी मिश्रा ने कहा कि कुट्टू के आटे की गुणवत्ता और उपयोग की समयावधि तिथि का विशेष ध्यान रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कुट्टा का आटा और अन्य सभी खाद्य सामग्रियों की बिक्री में FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) के मानकों की किसी भी रूप में अनदेखी ना हो।
टनकपुर के अलावा जिला मुख्यालय में भी अभिहीत अधिकारी योगिता तिवारी ने अभियान चलाया। विभाग ने बताया कि पूरे नवरात्र में खाद्य सुरक्षा विभाग अभियान चलाएगा। कुट्टू का आटा खाने से देहरादून के विकासनगर में 100 लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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