OPS बहाली को फिर उठाई आवाज…NPS के विरोध में बांधा काला फीता

डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
1 अप्रैल 2005 से शुरू हुई थी NPS
आज से UPS का भी विकल्प
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। OPS (पुरानी पेंशन स्कीम) की बहाली की मांग को लेकर 1 अप्रैल को शिक्षकों और कार्मिकों ने काला फीता बांध सांकेतिक विरोध जताया। चंपावत, लोहाघाट, बाराकोट, पाटी, टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में सांकेतिक विरोध हुआ। OPS के स्थान पर NPS 1 अप्रैल 2005 से लागू हुई थी। जबकि UPS आज 1 अप्रैल से लागू हो गई है। अब कर्मियों को NPS (नई पेंशन स्कीम) और UPS (यूनीफाइड पेंशन स्कीम) में से कोई एक स्कीम को चयनित करने का विकल्प होगा।
लोहाघाट के स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रोफेसरों ने NPS व UPS को शिक्षकों-कार्मिकों के लिए अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध किया। काला फीता बांधकर प्रोफेसरों ने OPS की बहाली की सरकार से अपील की। विरोध जताने वालों में डॉ. बीपी ओली, डॉ. लता कैड़ा, डॉ. रेखा जोशी, डॉ. एमके त्रिपाठी, डॉ. रवि सनवाल, डॉ. रूचिर जोशी, डॉ. कमलेश शक्टा, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. भूप सिंह धामी, डॉ. नीरज कांडपाल, डॉ. पंकज टम्टा, डॉ. अनीता टम्टा, डॉ. दिनेश राम, डा दिनेश व्यास, डा सुमन पांडेय, डा मयूर बगड़वाल, डा ट्विंकल प्रकाश सहित अनेक प्राध्यापक उपस्थित रहे।
NMOPS (पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन) के जिलाध्यक्ष गोविंद मेहता, सचिव प्रकाश तड़ागी, मिनिस्ट्रीयल नेता जीवन ओली, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोविंद बोहरा, एलएम चतुर्वेदी, नवीन जोशी, कुंदन सिंह, कवींद्र तड़ागी, कैलाश फत्र्याल, सोबन सिंह, संदीप मेहता, किशोर पंगरिया, नरेश जोशी आदि ने काला फीता बांध विरोध जताया। बाद में डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
OPS के मुख्य प्रावधान: 1.योजना में कर्मियों को उनके अंतिम मूल वेतन की 50 प्रतिशत पेंशन मिलती थी।
2.कर्मचारियों और नियोक्ताओं को पेंशन फंड में कुछ भी जमा नहीं करना होता था।
3.सरकार ने इस योजना को 31 दिसंबर 2004 को बंद कर दिया था।
NPS के मुख्य प्रावधान: 1.योजना में कर्मियों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत पेंशन फंड में जमा करना होता है।
2.नियोक्ताओं को मूल वेतन का 14 प्रतिशत जमा करना होता है।
3.पेंशन की रकम बाजार में किए गए निवेश के रिटर्न पर पर आधारित है।
UPS के मुख्य प्रावधान: 1.कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10 प्रतिशत और सरकार 18.50 प्रतिशत पेंशन फंड में योगदान करेगी।
2.25 साल या इससे अधिक सेवा करने वाले कर्मियों को अब एक निश्चित पेंशन मिलेगी। जो उनके अंतिम 12 महीने के औसत बेसिक वेतन का 50 प्रतिशत होगी।
3.10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मियों को न्यूनतम 10 हजार रुपये पेंशन मिलेगी।

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