


चंपावत बाइपास के रास्ते आने वाली 12.78 हेक्टेयर नाप भूमि के भू-स्वामियों को मिलेगा कुल 44 करोड़ रुपये का मुआवजा
30 मार्च से 2 अप्रैल तक लगने वाले शिविर में भू-स्वामियों को आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक खाता आदि जरूरी दस्तावेज जमा कराने हैं
देवभूमि टुडे
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर बारहमासी सड़क के चंपावत में बनने वाले बाइपास के लिए भूमि स्वामियों को मुआवजा वितरण की आज 30 मार्च से शुरू प्रक्रिया आरंभ नहीं हो सकी। रविवार को एक भी भू-स्वामी ने जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कराए। चंपावत के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष महर सहित कई भू-स्वामियों ने राजस्व विभाग को ज्ञापन सौंप वर्तमान सर्किल रेट से जमीन का मुआवजा देने की मांग की।
बारहमासी सड़क के अंतर्गत चंपावत ( मुड़ियानी से तिलौन तक 9.05 किमी) के प्रस्तावित बाइपास की जद में 8.94 हेक्टेयर वन भूमि के अलावा 12.78 हेक्टेयर नाप भूमि आ रही है। नाप भूमिधरों को कुल 44 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जाएगा। इसके लिए आज 30 मार्च से चार दिन तक मुडिय़ानी में रामलीला स्थल पर शिविर लगेगा। इस शिविर में भू-स्वामियों को आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक खाता आदि जरूरी दस्तावेज जमा कराने हैं। लेकिन आज रविवार को किसी भी भू-स्वामी ने ये दस्तावेज जमा नहीं कराए। ग्रामीणों ने मौजूदा सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देने की मांग करते हुए ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में पूर्व ग्राम प्रधान दीपक रावत, संजय रावत, महेश महर, सामाजिक कार्यकर्ता भुवन चंद्र, ग्रामीण जगत सिंह, मोहन सिंह, हुकुम सिंह, देव सिंह, मनोज पांडे, दीपक, चंदू, सूरज, प्रकाश सिंह, दया किशन, सुंदर, हीरा सिंह आदि के हस्ताक्षर थे। वहीं तहसीलदार जगदीश नेगी का कहना है कि मुआवजे की राशि अनुमन्य प्रक्रिया के मुताबिक नाप जमीन के स्वामियों को दी जाएगी। इसके स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। नाप भू-स्वामियों के साथ कोई नाइंसाफी नहीं होगी।



