


पूर्णागिरि के आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों को जोड़ कर विकसित होगा विशेष पर्यटन सर्किटः CM धामी
पूर्णागिरि धाम के साथ ही चंपावत के अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति की अपील की
15 जून तक 93 दिनों तक चलेगा पूर्णागिरि मेला
देवभूमि टुडे
चंपावत/पूर्णागिरि धाम। आस्था के धाम मां पूर्णागिरि का मेला शुरू हो गया। 15 मार्च की अपरान्ह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले के प्रवेशद्वार ठुलीगाड़ में 15 जून (93 दिनी) तक चलने वाले मेले का श्रीगणेश किया। मंत्रोचार पंडित भुवन चंद्र पांडेय ने किया। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बीते 24 घंटों में 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पूर्णागिरि देवी के दर्शन किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्णागिरि धाम न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का धाम है, बल्कि क्षेत्र को नई आध्यात्मिक पहचान देने के साथ ही रोजगार व अर्थव्यवस्था में भी मददगार है। कहा कि मेले में श्रद्धालुओं को विभिन्न सुविधाएं देने के लिए व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। पूर्णागिरि के आसपास के सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इस पहल से न केवल धाम की यात्रा को और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा, बल्कि चंपावत जिले में पर्यटन को भी नए आयाम मिलेंगे। यह परियोजना पूर्णागिरि मेले को 12 महीने संचालित करने के लक्ष्य के अनुरूप है।
इस परियोजना को सफल बनाने के लिए बेहतर सड़क संपर्क, संचार व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। धामी ने कहा कि यह सर्किट उत्तराखंड को धार्मिक एवं पर्यटन के नए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि धाम को स्थाई आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने का लक्ष्य पहले दिन से तय किया गया है। आने वाले वर्षों में यहां श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। CM ने श्रद्धालुओं से पूर्णागिरि धाम के साथ ही चंपावत के अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करने कर आध्यात्मिक अनुभूति करने भी अपील की। पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कार्य किया जाएगा। टनकपुर में राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताओं से राफ्टिंग को निश्चित तौर पर पंख लगेंगे। श्यामलाताल झील के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है।
शुभारंभ मौके पर पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, सचिव सुरेश तिवारी और कोषाध्यक्ष नवीन तिवारी, पंडित मोहन पांडेय, राजू तिवारी, मनोज पांडे, महेश पांडेय, नेत्रबल्लभ तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, क्षेत्र पंचायत प्रशासक विनीता फर्त्याल व रेखा देवी, खटीमा के क्षेत्र पंचायत प्रशासक रंजीत सिंह नामधारी, टनकपुर नगर पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार, बनबसा नगर पंचायत अध्यक्ष रेखा देवी, पूर्व जिलाध्यक्ष शंकर दत्त पांडेय, खटीमा नगर पालिकाध्यक्ष राजू जोशी, विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार, ADM जयवर्धन शर्मा, SP अजय गणपति, CDO संजय कुमार सिंह, जिला पंचायत के AMA तेज सिंह, तहसीलदार जगदीश गिरी, CMO देवेश चौहान सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी, श्रद्धालु एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री की घोषणाएंः
1.पूर्णागिरि मेले के संपूर्ण क्षेत्र में भीड़ व आपदा प्रबंधन की दृष्टि से स्मार्ट कंट्रोल रूम व सीसीटीवी निगरानी तंत्र ठुलीगाड़ में स्थापित किया जाएगा।
2.पूर्णागिरि मेले हेतु सेलागाढ़ में बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन बनाया जाएगा। जिसमें मेला मजिस्ट्रेट, मेला अधिकारी व पुलिस के साथ ही चिकित्सकों को एक साथ एक स्थान पर कार्य करने की सुविधा मिलेगी।
3.पूर्णागिरि क्षेत्र में लादीगाड़ में पूर्णागिरि पंपिंग पेयजल योजना बनाई जाएगी। जिससे लोगों को पेयजल की समस्या ना हो।
4.पूर्णागिरि क्षेत्र में ठुलीगाड़, बाबलीगाड़ पंपिंग परियोजना बनाई जाएगी।










