


संदेह का लाभ मिलने से बाराकोट काकड़ निवासी सेना में कार्यरत सूरज सिंह अधिकारी, उनकी मां हीरा देवी और सूरज के पिता प्रहलाद सिंह दोष मुक्त हुए
चंपावत की न्यायिक मजिस्ट्रेट जहॉ आरा अंसारी ने सुनाया फैसला
देवभूमि टुडे
चंपावत। मारपीट और दहेज उत्पीड़न मामले के तीन आरोपी बरी हो गए हैं। फौजी बेटे और उनके माता-पिता को संदेह का लाभ देते हुए चंपावत के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोषमुक्त करार दिया।
बाराकोट के काकड़ के रहने वाले सेना में कार्यरत सूरज सिंह अधिकारी का विवाह 14 दिसंबर 2017 को हुृआ था। सूरज की पत्नी ने अपने पति और सास हीरा देवी व ससुर प्रहलाद सिंह पर शादी के तुरंत बाद से दहेज की मांग करने का आरोप लगाया था। पत्नी की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक पांच लाख रुपये नकद और पांच तोले सोने के जेवरात की मांग पूरा नहीं करने पर आएदिन उसके (पत्नी) साथ मारपीट, लड़ाई-झगड़ा की जाती थी। बाद में कई बार उसे घर से भी निकाला गया। सूरज सिंह अधिकारी की पत्नी ने 4 मार्च 2021 में अपने पति सूरज सिंह अधिकारी, सास हीरा देवी और ससुर प्रहलाद सिंह के खिलाफ लोहाघाट थाने में तहरीर दी। जिसके आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504, 506, 498 ए व दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत मुकदर्मा दर्ज किया था।
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद अदालत में सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन की ओर से 7 गवाह, जबकि बचाव पक्ष ने 2 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता भास्कर चंद्र मुरारी और मनोज कुमार राय ने दमदार दलीलें पेश की। दोनों पक्षों की दलीलों, तमाम साक्ष्यों के अधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज जूनियर डिवीजन ने 27 मार्च को फैसला सुनाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट जहॉ आरा अंसारी ने संदेह का लाभ देते हुए तीनों अभियुक्तों को दोष मुक्त किया।


