चार सेनानियों का गांव आमखर्क लेकिन खत्म नहीं रोड का इंतजार

CM पुष्कर सिंह धामी ने 3 जून 2023 को किया था बृजनगर से आमखर्क तक डेढ़ किलोमीटर रोड का ऐलान
अनापत्ति के लिए पत्रावली वन्य जीव संरक्षक कार्यालय में: ईई बीएम आर्या
देवभूमि टुडे
चंपावत। चार स्वतंत्रत संग्राम सेनानियों के गांव तक डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क को पहुंचाने में सिस्टम हांफ रहा है। लगातार आवाज उठाने के बाद भी रोड का काम शुरू नहीं हो सका है। इससे विकास प्रभावित हो रहा है। आजादी के साढ़े सात दशक से अधिक समय बाद भी क्षेत्र के लोग पैदल चलने को मजबूर है। ये कहना है स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी का।
सूखीढांग क्षेत्र के छोटे से गांव आमखर्क से चार (पंडित रामचंद्र चौड़ाकोटी, बेनीराम चौड़ाकोटी, पदमादत्त चौड़ाकोटी और बची सिंह राना) सेनानी हुए हैं, लेकिन आजादी के 77 साल से अधिक बीतने के बाद भी गांव के लोग सड़क के लिए तरस रहे हैं। सड़क नहीं होने से न केवल बृजनगर से आमखर्क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को डेढ़ किमी पैदल जाना पड़ रहा है, बल्कि गांव विकास से भी कट रहा है। उत्तराखंड बनने के बाद से पलायन के चलते आबादी भी लगातार कम हो रही है। इन हालातों को देखते हुए 3 जून 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव बृजनगर से आमखर्क तक डेढ़ किलोमीटर रोड का ऐलान किया था, लेकिन वन अनापत्ति दूर नहीं होने से अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। कार्यदाई एजेंसी ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बीएम आर्या का कहना है कि रोड का सर्वे किया जा चुका है। अनापत्ति के लिए पत्रावली वन्य जीव संरक्षक कार्यालय देहरादून में हैं। अनापत्ति दूर होने के बाद सड़क का निर्माण शुरू किया जाएगा।

महेश चौड़ाकोटी।
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