
चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय का फैसला
झनकट के लखविंदर सिंह को 15 वर्ष और किच्छा की भगवान देवी को 5 वर्ष का कठोर कारावास
देवभूमि टूडे
चंपावत। विशेष सत्र न्यायालय ने चरस तस्करी के दो आरोपियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एक दोषी को 15 वर्ष कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपए अर्थदंड और दूसरे को पांच वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड किया गया है।
सितंबर 2019 में पाटी पुलिस ने देवीधुरा में चेकिंग के दौरान कार सवार लखविंदर से 2.906 किलो और भगवान देवी से 480 ग्राम चरस बरामद की थी। दोनों ने गर्सलेख में एक व्यक्ति से चरस खरीदने और उसे खटीमा ले जाकर बेचने की बात बताई थी। उनके खिलाफ NDPS की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
आरोप पत्र दायर होने के बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। दोनों पक्षों की दलीलों, साक्ष्यों और तमाम गवाहों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने महिला सहित दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। लखविंदर सिंह (30) निवासी झनकट को 15 वर्ष कारावास के साथ 1.50 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जबकि भगवान देवी (42) निवासी किच्छा को पांच वर्ष के कठोर कारावास के अलावा 50 हजार रुपये अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है।

