


चंपावत में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई दुकानों का मुआयना किया
किसी दुकान में नहीं मिला कुट्टू का आटा
एक दुकान से लिया साबूदाना का नमूना
देवभूमि टुडे
चंपावत। कुट्टू का आटा खुले में नहीं बिक सकेगा। खाद्य आयुक्त के निर्देश के बाद अब ये आटा सिर्फ पैकेट में ही FSSAI ( Food Safety & Standerds Authority of India ) के मानकों के तहत बिक सकेगा। आज 4 अप्रैल को प्रभारी जिला अभिहीत अधिकारी अनिल मिश्रा के नेतृत्व में चंपावत में 5 दुकानों का निरीक्षण किया गया। चंपावत में किसी भी दुकान में कुट्टू का आटा नहीं मिला। साबूदाना का एक नमूना लिया गया। विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों को कुट्टू के आटे की बिक्री और संग्रहण के नियमों की जानकारी दी। विभाग ने बाकायदा व्यापार मंडल के सभी अध्यक्षों को पत्र भेजा है।
चंपावत में चलाए गए अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी, राकेश भट्ट और सहायक दिनेश फर्त्याल शामिल थे। नवरात्र के शुरू में देहरादून के विकासनगर में गुणवत्ताहीन कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से 100 से अधिक लोग बीमार हो गए थे। जिसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने ये ऐहतियाती कदम उठाए हैं।
खाद्य संरक्षा आयुक्त उत्तराखंड द्वारा कुट्टू आटे के विक्रय, संग्रह, वितरण आदि के अनुपालनार्थ जारी किए गए दिशा निर्देश:
- बीज बिना वैद्य खाद्य लाइसेंस के कुट्टू का आटा नहीं बेचा जा सकेगा।
- कुट्टू का आटा खुले रूप में नहीं बेचा जा सकेगा।
- कुट्टू के आटे की बिक्री अनिवार्य रूप से सील बंद पैकेट में ही किया जा सकेगा।
- सील बंद पैकेट पर खाद्य सुरक्षा एंव मानक अधिनियम 2006 में वर्णित लेबल व डिस्पले संबंधी विनियमों के अंतर्गत बैंकिग की तिथि, अवसान की तिथि व कुट्टू के आटे की पिसाई की तिथि अंकित होना अनिवार्य है।
- प्रत्येक पैकेट पर खाद्य कारोबारकर्ता का खाद्य लाइसेंस संख्या अंकित किया जाना जरूरी होगा।
- प्रत्येक खाद्य कारोबारकर्ता के द्वारा कुट्टू के बीज व आटे के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड लिखित रूप में रखा जाना अनिवार्य होगा।




