2018 नहीं 2025 के सर्किल रेट से मिले भूमि का मुआवजा…केंद्रीय मंत्री अजय को दिया ज्ञापन

NH पर चंपावत बाइपास के रास्ते आने वाली 12.78 हेक्टेयर नाप भूमि के भू-स्वामियों को दिया जाना है मुआवजा
देवभूमि टुडे
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर बारहमासी सड़क के चंपावत में बनने वाले बाइपास के लिए ली जा रही जमीन का मुआवजा वर्ष 2018 के सर्किल रेट पर दिए जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। इसे लेकर आज 31 मार्च को एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री और अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा को ज्ञापन दिया। चंपावत के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष महर, पूर्व ग्राम प्रधान संजय रावत, दीपक रावत आदि ने कहा कि 2018 की भूमि की दर और मौजूदा दर में दोगुने से भी अधिक का अंतर है। ऐसे में आज की तारीख में सात साल पहले के सर्किल रेट से जमीन का मुआवजा मिलना भूमि-स्वामियों के साथ नाइंसाफी है। मंत्री को ज्ञापन देने वालों में चैकुनी बोरा, चैकुनी पांडेय, राकड़ी फुलारा, कफलांग, फुंगर, चौकी, तिलौन आदि गांवों के मनीष महर, संजय रावत, दीपक रावत, भुवन चंद्र, जगत सिंह, महेश, जनार्दन फुलारा, दीपक सिंह आदि शामिल थे।
बारहमासी सड़क के अंतर्गत चंपावत (मुड़ियानी से तिलौन तक 9.05 किमी) के प्रस्तावित बाइपास की जद में 8.94 हेक्टेयर वन भूमि के अलावा 12.78 हेक्टेयर नाप भूमि आ रही है। नाप भूमिधरों को कुल 44 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जाएगा। इसके लिए 30 मार्च से चार दिन तक मुडिय़ानी में रामलीला स्थल पर शिविर आयोजित कर भू-स्वामियों को आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक खाता आदि जरूरी दस्तावेज जमा कराने को कहा गया था। लेकिन भू-स्वामी विरोध जताते हुए इन दस्तावेजों को जमा नहीं करा रहे हैं। ग्रामीणों ने कल 30 मार्च को राजस्व कर्मियों को मौजूदा सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देने की मांग करते हुए ज्ञापन दिया था।

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