DHO पांडेय 4 दशक की सेवा के बाद हुए सेवानिवृत्त…दिया बागवानी को नया मुकाम

राजभवन से राष्ट्रपति भवन तक रही चंपावत के शहद की धूम
पुष्प श्रेणी में पिछले 3 साल से उत्तराखंड में मिल रहा प्रथम स्थान
मोहित मल्ली होंगे चंपावत के नए जिला उद्यान अधिकारी
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत के जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय करीब 4 दशक लंबी सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए हैं। 1985 में उद्यान विभाग में नैनीताल से सेवा शुरू करने वाले पांडेय विभिन्न पदों पर सेवारत रहे। चंपावत में करीब सवा 3 साल तक वे जिला उद्यान अधिकारी के पद पर रहे। उनके स्थान पर पिथौरागढ़ से मोहित मल्ली नए जिला उद्यान अधिकारी होंगे। वे कल पहली अप्रैल को इस पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
डीएचओ पांडेय ने नर्सरी स्थापना, पुष्प उत्पादन, जैविक शहद, मशरूम, कीवी, सेब सघन बागान की स्थापना से लेकर जैविक उत्पादों को बढ़ावा देकर चंपावत जिले के औद्यानिकी विकास में अहम भूमिका निभाई। बागवानी को बढ़ाने वाले विभिन्न कार्यों के साथ ही पुष्प उत्पादन और शहद उत्पादन में जिले का प्रदेश और देश में नाम हुआ। इसी मार्च माह में शहद उत्पादन में चंपावत के जैविक शहद की धूम राजभवन से राष्ट्रपति भवन तक रही। 2022-2023 से लगातार चंपावत जिले को प्रदेश स्तर पर पुरस्कार मिलता रहा है। 2022-23 में लिलियम पुष्प श्रेणी में पहला पुरस्कार मिला। 2023-24 में कार्नेशन पुष्प श्रेणी में पहले तीन पुरस्कार और 2024-25 में लिलियम, कार्नेशन व यूस्टोमा पुष्प श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के साथ ही शहद में भी प्रथम पुरस्कार मिला।
इन कामों ने दिया बागवानी को मुकाम:
1.जिले में पहली बार केसर उत्पादन की पहल हुई। 2022-23 में पहली बार जिले के चारों विकासखंडों के 16 किसानों को 195 किलोग्राम केसर बीज का रोपण हुआ।
2.मशरूम उत्पादन: 2023-24 में पहली बार 32 किसानों से मशरूम उत्पादन कराया गया। 32 मशरूम यूनिटों की स्थापना की गई।
3.सेब सघन बागान स्थापना: 3 वर्षों में 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 112 किसानों ने सेब क्लोनल रूट स्टॉक आधारित उद्यानों की स्थापना की।
4.कीवी उद्यान स्थापना: 3 वर्षों में 16 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 119 किसानों ने कीवी उद्यान का काम शुरू किया। बाजरीकोट में कीवी कलस्टर की स्थापना हुई।
5.पुष्प उत्पादन: 3 वर्षों में 9 हजार वर्ग मीटर पॉलीहाउस और 2 हेक्टेयर खुले क्षेऋ में लिलियम फूलों का उत्पादन हुआ। इसके अलावा यूस्टोमा, कार्नेशन और ब्रेशिका पुष्प को भी प्रोत्साहित किया गया।
6.शहद उत्पादन: 3 वर्ष में 5786 एपिस सिसना इंडिका के मौनबॉक्स और मैदानी क्षेत्र में 467 मैलीफेरा के मौनबॉक्स और मौनवंशों के साथ सहवर्ती उपकरणों का किसानों को वितरण व प्रशिक्षण दिया गया।
7.जैविक उत्पादों को प्रोत्साहन: जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बर्मी कंपोस्ट और जैविक खाद का वितरण कर जैविक खेती के लिए प्रेरित किया गया।
8.पॉलीहाउस निर्माण: बेमौसमी सब्जी एवं पुष्प उत्पादन में बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2022-23 और 2023-24 में 653 पॉलीहाउस के जरिए किसानों को सब्जी और पुष्प उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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