


चंपावत में UCOST के सहयोग से नवाचार और स्वरोजगार की नई पहल
महिला प्रौद्योगिकी केंद्र में हुई कार्यशाला में सम्मानित की गईं महिला उद्यमी
देवभूमि टुडे
चंपावत। UCOST (उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद) के सहयोग से रीड्स (रूरल एनवायरनमेंट एंड एजुकेशनल सोसाइटी) ने महिला प्रौद्योगिकी केंद्र में उत्तराखंड जनजातियों में विज्ञान उद्यमिता विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की। उद्घाटन खंड शिक्षा अधिकारी राधेश्याम खर्कवाल ने किया। उन्होंने उत्तराखंड की जनजातियों के बीच विज्ञान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इस दौरान जनजाति महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। आदर्श चम्पावत के इंद्रेश लोहनी ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका लक्ष्य जनजातीय समुदायों को विज्ञान और तकनीकी उद्यमिता से जोड़ना, स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर व्यावसायिक अवसर सृजित करना और महिलाओं एवं युवाओं को विज्ञान आधारित स्टार्टअप के लिए प्रेरित करना है। मुख्य संदर्भ व्यक्ति दीवान फिरमाल ने जनजातियों की जीवन शैली और उनके पारंपरिक उद्यमों की जनकारी दी। शिक्षक नवीन पंत ने स्थानीय नवाचारों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़कर व्यावसायिक रूप देने के विषय पर जानकारी साझा की। नरेश जोशी ने डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन व्यवसाय और ई-कॉमर्स के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने के विषय पर विचार रखे। दिवाकर बुदियाल ने विज्ञान के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार साझा किए। महिला उद्यमी जानकी मर्तोलिया और मुन्नी देवी दुग्ताल एवं सभी संदर्भ व्यक्तियों को शॉल ओड़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में पूजा लोहनी, कुसुम थ्वाल, दीपिका भट्ट, संतोष कर्नाटक, ममता कुमारी, नवीन मेहरा, कुसुम बेलवाल, चित्रांशी लोहनी, उमा नेगी, कविता देवी, सुमित राणा, वंशिका राणा, विनीता जोशी, यामिनी पांडेय, हिमांशु रावत आदि मौजूद थे।


