डॉक्टर से गाली-गलौज, अस्पताल में तोड़फोड़ पर 2 आरोपितों को सजा…जुर्माना भी लगा

दीपक बेलवाल को 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना, रवि गहतोड़ी को 2 साल का सश्रम कारावास व 21 हजार का जुर्माना, एक आरोपित भुवन लोहनी बरी
टनकपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिया आदेश
मार्च 2020 में डॉक्टर व स्टाफ से गाली-गलौज और टनकपुर संयुक्त अस्पताल में हुई थी तोड़फोड़
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। टनकपुर संयुक्त अस्पताल के डॉक्टर सहित स्टाफ से गाली-गलौज, धमकाने और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दो आरोपितों को अदालत ने सजा सुनाई है। वहीं एक आरोपित को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। सहायक अभियोजन अधिकारी उपेंद्र शर्मा ने बताया कि 5 वर्ष पुराने मामले में टनकपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 24 मार्च थ ये फैसला सुनाया।
घटनाक्रम के मुताबिक टनकपुर अस्पताल में 7 मार्च 2020 को तीन लोग सात साल के एक बच्चे को लेकर आए। रात की ड्यूटी पर तैनात डॉ. मोहम्मद उमर ने बच्चे का परीक्षण किया और दवाएं दी। इसी दौरान तीनों व्यक्तियों ने डॉक्टर व अन्य स्टाफ के साथ गाली-गलौज की और सरकारी काम में बाधा डालने लगे। जान से मारने की धमकी और तोड़फोड़ करने लगे। 8 मार्च को डॉ. मोहम्मद उमर की तहरीर पर टनकपुर थाने में तीनों आरोपित दीपक बेलवाल, भुवन लोहनी और रवि गहतोड़ी के खिलाफ IPC की धारा 504, 353, 506 व 427, लोक संपत्ति नुकसानी निवारण अधिनियम और उत्तराखंड चिकित्सकीय परिचर्चा सेवा संस्थान हिंसा क्षति निवारण अधिनियम 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। 13 मई 2020 को आरोप पत्र पेश करने के बाद अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। तमाम साक्ष्य, दस्तावेजी परीक्षण और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद टनकपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज (जूनियर डिविजन) प्रियांशी नगरकोटी ने दो आरोपितों दीपक बेलवाल और रवि गहतोड़ी को दोषी पाया। जबकि तीसरे आरोपित भुवन लोहनी को दोषमुक्त किया गया।
दीपक बेलवाल को उत्तराखंड चिकित्सकीय परिचर्चा सेवा संस्थान हिंसा क्षति निवारण अधिनियम में दोष साबित होने पर 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माना लगाया गया। रवि गहतोड़ी को आईपीसी की धारा 353, 427 व 504 को छोड़ शेष धाराओं में दोषी पाया गया। रवि गहतोड़ी को 2 साल का सश्रम कारावास व 21 हजार का जुर्माना देना होगा। जेल में बिताई अवधि कारावास की अवधि में समायोजित होगी। वहीं तीसरा आरोपित भुवन लोहनी दोषमुक्त पाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी उपेंद्र शर्मा ने पैरवी की।

प्रतीकात्मक फोटो।
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